Monday, February 1, 2010

चमन कही आबाद हुआ

                               !  चमन कही आबाद हुआ !
कुछ इस तरह से उनके रुख का दीदार किया.
की दूर रहकर भी उन्ही से प्यार किया.
पर बयां ना कर सके वो मृग तृष्णा से,
काँटों में उलझ गए चमन कही आबाद हुआ,
वीरान जहा में दूड़ते रहे वो,रेगिस्तान में,
महज पानी का सैलाब !



ललित भसोड़ धानक 9313052941 

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