Friday, January 29, 2010
कानून की पुनीर्समीक्षा की गुहार
कहा जाता है की देश का कानून सब के लिए सामान होता पर उसने मेरे दिमाग में शंकापैदा कर दी है ,यह सही है की कानून kaa MUKHYA मकसद कमज़ोर की मदद करना है और येही सोच कर कानून बनाते वक़्त महिलाओ पर होने वाले उत्पीरण को रोकने के लिए कानून कड़ा बनाया गया महलिओं पर होने वाले उत्पीरण पर कार्यवाही करते WAQT केवल महिला का बयान ही काफी है इस कड़े कानून से mahalion पर होने WALA उत्पीरण रुका है या नहीं यह तो सर्वे का विषय है लेकिन इस सच्चाई से मुह नहीं मोड़ा जा सकता है की इस कड़े कानून का कुछ महिलिया द्वारा नाज्जयज फायदा उठा कर दुसरे पक्ष को जिल्लत भरी जिन्दगी जीने के लिए मजबूर कर रही है कई ऐसे मामले मेरे सामने ही घत्तित हुए जिन मे पति पत्नी के आपसी झगडे को पत्नी और उसके परिवार के झूठ के कारन पुरे परिवार (पति पक्ष ) को उसके सजा भुगतनी पड़ी (पडोसी भी सही बात को इस डर से बतने से डरती है की कौन पुलिस के पचड़े मे पड़े बाद मे पुलिस उन्हें बार बारपरेशान करेगी और मौन साध लेते है ) एक मामले मे तो देवरानी नै अपनी जेठ और जेठानी पर झूठा आरोप लगा दिया की उन्होंने भी उसे परेशान किया है उसके इस झूठ ने उसकी जेठानी को इस कदर मानसिक रूप से परेशान कर दिया की उसे लकवा मार गया इसमे पुलिस की भूमिका भी सही नहीं रही उन्होंने भी बिना दुसरे पक्ष की सुने ही उन्हें अंदर करने की ठान ली जिसे उन्हें जमानत लेकर अपनी जान बचानी पड़ी यह तो बस एक बानगी भर है ना जाने और अन्य ऐसे ही मामलो मे किसे के झूठ के कारण और पुलिस की लापरवाही के चलते ना जाने कितने परिवारों को अपनी इज्जत गवानी पड़ी होगी ऐसे मे इस देश का एक जागरुक नागरिक होने के नाते मैंने यह सोचा की कियू ना इस मामले को आप सब के सामने रख कर गुहार करू की ऐसी वेवस्था की जाए की दोनों पक्षों की सुनी जाये और बिना किसी पुखता सबूत के ग्रिफत्तारी ना की जाये और पुलिस को भी उत्पीरण की इज्जात न दी जाये और कानून दुरुपोयोग होने से रोका जाये .................................LALIT BHASOD 9313052341
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Dear Lalit, Hello and God bless you. I read the theme and I like it because it is touching our hearts. Yes, I am also agreed with you that the law should be either changed or to be modified. The time should be given to both the parties before taking any decisions. You may proceed for further adding in this issue.
ReplyDeleteI will sent some suggestion separately through post.
Rest is fine. With best wishes, Dr. S.K. Singh, Rishikesh